रविवार, 24 सितंबर 2017

नवरात्र विशेष

                                                                      नवरात्र विशेष 





                                                         शक्तिपीठ - दर्शन

          भारत वर्ष में शक्ति साधना के कुछ विशिष्ट स्थल है जो शक्ति पीठ के नाम से जाना जाता है | अध्यात्म की खोज में लगे लोग एक न एक बार अवश्य ही इन शक्ति पीठो का दर्शन करता है |पौराणिक आख्यानो के अनुसार दक्षप्रजापति के यज्ञ में भगवान शंकर को आमंत्रित न करने के कारण भगवती सती यज्ञ में अपने शरीर का परित्याग करके यज्ञ- विध्वंस कर दिया | भगवान शंकर सतीक की देह को अपने कंधे पर रखकर नृत्य करते हुए पृथ्वी पर भ्रमण करने लगे | पराम्बा भगवती के चिन्मय अंग ५१ स्थानों पर गिरे | उनमे २१ प्रमुख शक्तिपीठ

  1. काशी का श्री विशालाक्षी शक्तिपीठ
  2. कामरूप  नीलांचल कामख्या शक्ति पीठ 
  3. कन्याकुमारी शक्तिपीठ
  4. कुरुक्षेत्र भद्रकाली शक्तिपीठ  
  5. पश्चिम तिब्बत स्थित शक्तिपीठ 
  6. आद्याशक्ति और नेपालशक्तिपीठ-गुहोश्र्वोरीदेवी
  7. माँ कल्याणी (ललिता ) शक्तिपीठ -प्रयाग 
  8. क्षीर ग्राम शक्तिपीठ 
  9. करतोयातट  शक्तिपीठ 
  10. कात्यायनी शक्तिपीठ 
  11. चामुण्डा मथुरा शक्तिपीठ 
  12. आरासुरी अम्बाजी शक्तिपीठ -गुजरात 
  13. ज्वालाजी शक्तिपीठ -हिमाचल 
  14. महामाया पाटेश्वरी शक्तिपीठ-देवीपाटन 
  15. श्रीसिध्द्पीठ माता हरसिध्द मंदिर -उज्जैन 
  16. श्रीमाता त्रिपुरेश्वेरी शक्तिपीठ -त्रिपुरा 
  17. हृदयपीठ-वैद्यनाथधाम 
  18. श्रीभद्र्कालिदेवी शक्तिपीठ -जनस्थान (नासिक )
  19. उत्कल देश शक्तिपीठ -विरजा और विमला 
  20. माँ तारा चंडी शक्तिपीठ-सासाराम 
  21. करवीर शक्तिपीठ -कोल्हापुर 



धन्यवाद 


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